| १. सूत्रस्थानम् - 1. sútrasthánam,-१२दोषभेदीय:-12doṣa-bhedīya:, (D-1, K-12, V-29) |
व्याप्नोति सहसा देहम् आ-पाद-तल-मस्तकम् ॥ २९ ॥ निवर्तते तु कुपितो मलो ऽल्पाल्पं जलौघ-वत् । |
vyāpnoti sahasā deham ā-pāda-tala-mastakam ॥ 29 ॥nivartate tu kupito malo 'lpālpaṃ jalaugha-vat । |
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| Commentary Dhanvantri Institute of Ayurveda, Praha Czech Republic |